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प्रद्युम्न हत्याकांड : \'हे प्रकरण आपण शाळेवरच उलटवू\', नव्या 3 ऑडिओंमुळे प्रकरणात ट्विस्ट

3 वर्षांपूर्वी
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नवी दिल्ली -  रेयान इंटरनॅशनल स्‍कूलमधील प्रद्युम्‍न मर्डर प्रकरणाची सोमवारी अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायाधिश रजनी यादव यांच्‍या कोर्टात सुनावणी झाली. यावेळी दोन्‍ही बाजुच्‍या वकीलांनी आरोपी बस कंडक्‍टर अशोक याच्‍या जामिन याचिकेवर आपआपली बाजू मांडली. आज मंगळवारी याबाबतचा निकाल कोर्ट सुनावणार आहे.

>परंतु, या प्रकरणाने नवे वळण घेतले आहे. प्रद्युम्न ठाकूर मर्डर केसमध्ये आता 3 ऑडिओ व्हायरल झाले आहेत.  या ऑडिओ क्लिप्समध्ये आरोपी कंडक्टर अशोक कुमारचा मामा आणि दुसरा आरोपी स्टुडंटच्या नातेवाइकात झालेली बातचीत आहे. यात कंडक्टर अशोक कुमारचा मामा ओ.पी. चोपडा म्हणताहेत की, आपण या प्रकरणाला फिरवू आणि पूर्ण दोष शाळेवर टाकू. ऑडिओ व्हायरल झाल्यानंतर अशोकच्या मामाला सीबीआयने चौकशीसाठी बोलावले आहे. 

 

काय आहे पहिल्या ऑडिओमध्ये...

 

ओ.पी. चोपड़ा (अशोक का मामा)- मैं तुम्हें टेक्निक बताऊंगा. मैंने तुम्हारा नंबर डिलीट कर दिया है, जो मैंने दुकान से लिया था. मीडिया मेरे पास आएगा. तुम यहां मत आना. जल्दबाजी में मामला खराब हो सकता है. ये केस तुम्हार फेवर में रहेगा. हम लोग इस मामले को नया मोड़ दे देंगे और सारा दोष स्कूल पर डाल देंगे. ये स्कूल की ओर से किया है.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- जी ये स्कूल की ओर से ही किया गया है.

 

ओ.पी. चोपड़ा- तुम नहीं जान सकते ये कैसे हुआ.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- आप मुझे बताएं इस मामले से कैसे निपटा जाए.

 

ओ.पी. चोपड़ा- ठीक है वक्त आने पर बताऊंगा कि कब और क्या करना है. जल्दबाजी मत करो.  

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- आप मुझे बताएं कि कहां आना है?

 

ओ.पी. चोपड़ा- मैं तुम्हें बताऊंगा कि कौन लोग हैं जो तुम्हारी मदद कर सकते हैं.

आरोपी स्टूडेंट का रिश्तेदार- आप किस वक्त मुझे कॉल करेंगे?

 

ओ.पी. चोपड़ा- पहले मुझे मेरे भांजे अशोक को इस मामले से निकालना है. वकील साहब (आरोपी स्टूडेंट का पिता) से कहिए कि वो परेशान न हों. नहीं तो वो अपने बेटे को खो देंगे. आशा मत छोड़िए, मैं आपकी मदद करूंगा. ये सीबीआई का मामला है. अगर ये लोकल पुलिस का मामला होता तो अब तक निपट गया होता. सीबीआई को जांच करने दीजिए.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- क्या हमारे पास पूरे सबूत हैं.

ओ.पी. चोपड़ा- हां हमारे पास पूरे सबूत हैं. मैं आपको बताऊंगा कि स्कूल की क्या गलती है. 

 

 

दुसरा ऑडिओ

 

ओ.पी. चोपड़ा- तुम दुकान पर नहीं हो क्या? मैं ड्राइवर के परिवार से मिला. ड्राइवर और माली को टॉर्चर किया गया है. हमें कुछ करना होगा.

आरोपी स्टूडेंट का रिश्तेदार- हां, हमें कुछ तो करना होगा.

 

ओ.पी. चोपड़ा- दोनों ने मुझसे कहा कि आपका बच्चा निर्दोष है. प्रिंसिपल दोषी हैं. उन्होंने इस मामले में बच्चे को फंसा दिया. आप शांत रहें.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- हां हम शांत हैं और कुछ नहीं कर रहे.

 

ओ.पी. चोपड़ा- सीबीआई किसी को मारती नहीं है. अशोक को भी कभी नहीं मारा गया. मीडिया हमारे फेवर में है. अब मेरा ध्यान स्कूल के स्टॉफ पर है. मैं इस मामले को अलग-अलग चैनल में ले जाऊंगा. सीबीआई की खिलाफत मत करो.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- हां, अशोक जानता है कि क्या सही है और क्या गलत. वो सच जानता है.

 

ओ.पी. चोपड़ा- उसे बाहर आने दो. वो दो तीन महीने में बाहर आ जाएगा.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- क्या उनकी ओर से तुम्हें पैसे दिए गए?

 

ओ.पी. चोपड़ा- नहीं ये सब गलत है.

 

 

तिसरा ऑडिओ

 

ओ.पी. चोपड़ा- जल्दबाजी में मत रहो. एक और लड़के का नाम सामने आएगा. इस मामले में स्कूल का रोल भी सामने आने वाला है.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- अच्छा जी, हम कुछ नहीं कर रहे.

 

ओ.पी. चोपड़ा- भाई साहब (आरोपी स्टूडेंट का पिता) से कहिए कि वो शांत रहें.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- आशोक कब बाहर आ रहा है?

 

ओ.पी. चोपड़ा- उसे बाहर आने दो, फिर मैं तुम्हारे साइड हो जाऊंगा.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- दूसरा लड़का कौन है? हम कब मिल सकते हैं. सारी बातें फोन पर नहीं की जा सकती.

 

ओ.पी. चोपड़ा- नहीं-नहीं मुझसे मिलने की जरूरत नहीं. मैं मीडिया से घिरा हुआ हूं.

आरोपी स्टूडेंटचा नातेवाईक- ठीक है जैसा आप कहें.

 

ओ.पी. चोपड़ा- सभी बच्चे फंसाए जा रहे हैं.

आरोपी स्टूडेंट का रिश्तेदार- हां, पहले अशोक और अब ये लड़का. 

 

(नोट: ऑडिओ क्लिप्समध्ये असे संवाद आहेत. या सर्व क्लिप्स मीडिया रिपोर्टमधून घेण्यात आल्या.)

 

पुढच्या स्लाइड्सवर पाहा, कसा अडकला आरोपी विद्यार्थी सीबीआयच्या जाळ्यात

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