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ज्या देवी-देवतेला प्रसन्न करायचे असेल त्यानुसार करावा गायत्री मंत्राचा जप

3 वर्षांपूर्वी
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हिंदू धर्मामध्ये गायत्री मंत्राचे विशेष महत्त्व आहे. देवी गायत्रीला वेदांची माताही मानले जाते. उज्जैनचे ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा यांच्यानुसार मूळ गायत्री मंत्र एकच आहे परंतु इच्छापूर्ती आणि देवतांना प्रसन्न करण्यासाठी विद्वानांनी वेगवेगळ्या गायत्री मंत्रांची रचना केली आहे. गायत्री मंत्राने या देवतांची पूजा केल्यास लवकर शुभफळ प्राप्त होऊ शकतात. ज्या देवाला प्रसन्न करायचे असेल त्या देवाशी संबंधित गायत्री मंत्राचा जप करावा. येथे जाणून घ्या, देवी-देवतांचे 11 गायत्री मंत्र...


1.विष्णु-गायत्री मंत्र
ऊँ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात।।


2. लक्ष्मी-गायत्री मंत्र
ऊँ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे, विष्णु पत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ।।


3. शिव-गायत्री मंत्र
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।।


4. शनि-गायत्री मंत्र
ऊँ भगभवाय विद्महे, मृत्युरूपाय धीमहि। तन्नो सौरी: प्रचोदयात।।


5. गणेश-गायत्री मंत्र
ऊँ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्ती प्रचोदयात्।।


6. श्रीकृष्ण-गायत्री मंत्र
ऊँ देवकीनन्दनाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि। तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात्।।


7. सरस्वती गायत्री मंत्र
ऊँ सरस्वत्यै विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्।।


8. दुर्गा-गायत्री मंत्र
ऊँ गिरिजायै विद्महे शिवप्रियायै धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्।


9. हनुमान-गायत्री मंत्र
ऊँ अांजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो मारुति: प्रचोदयात्।।


10. सूर्य-गायत्री मंत्र
ऊँ आदित्याय विद्महे, सहस्त्रकिरणाय धीमहि। तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्।।


11. तुलसी-गायत्री मंत्र
ऊँ श्रीतुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि। तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।

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